Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
आवारा पशु हटाने योजना
विधानसभा में आवारा पशुओं पर चर्चा हुई गंभीरता से
दो वर्षों में सड़कों से हटेंगे आवारा पशु, विधानसभा में सरकार ने दिया बड़ा भरोसा
26 Feb 2026, 12:17 PM
Madhya Pradesh
-
Bhopal
Reporter :
Mahesh Sharma
Bhopal
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आवारा मवेशियों की समस्या प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई। इस दौरान सरकार ने दावा किया कि अगले दो वर्षों में राज्य की सड़कों पर आवारा पशु दिखाई नहीं देंगे। सरकार का कहना है कि नई योजनाओं और व्यवस्थाओं के माध्यम से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
विधानसभा में इस विषय को विपक्षी विधायकों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में आवारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष का आरोप था कि पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसे खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में नई गौशालाओं और पशु आश्रय स्थलों का निर्माण किया जा रहा है, जहां बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान शहरी निकायों ने लगभग 78 हजार से अधिक आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। इसके साथ ही पशु मालिकों पर लापरवाही के कारण जुर्माना भी लगाया गया है। सरकार का कहना है कि भविष्य में इस कार्रवाई को और तेज किया जाएगा ताकि पशुओं को सड़कों पर भटकने से रोका जा सके।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निकायों और पंचायतों को इस दिशा में विशेष जिम्मेदारी दी गई है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि आवारा पशुओं की पहचान कर उन्हें आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए। साथ ही पशु मालिकों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गौशालाओं का निर्माण समय पर पूरा हो गया और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत रही, तो आवारा पशुओं की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इतनी बड़ी समस्या का पूरी तरह समाधान करना आसान नहीं होगा।
सरकार का दावा है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले दो वर्षों में स्थिति में बड़ा सुधार दिखाई देगा। यदि यह योजना सफल रही तो राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और कृषि दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा में दिए गए इस आश्वासन के बाद अब लोगों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई और योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।
विधानसभा में इस विषय को विपक्षी विधायकों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में आवारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष का आरोप था कि पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसे खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में नई गौशालाओं और पशु आश्रय स्थलों का निर्माण किया जा रहा है, जहां बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान शहरी निकायों ने लगभग 78 हजार से अधिक आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। इसके साथ ही पशु मालिकों पर लापरवाही के कारण जुर्माना भी लगाया गया है। सरकार का कहना है कि भविष्य में इस कार्रवाई को और तेज किया जाएगा ताकि पशुओं को सड़कों पर भटकने से रोका जा सके।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निकायों और पंचायतों को इस दिशा में विशेष जिम्मेदारी दी गई है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि आवारा पशुओं की पहचान कर उन्हें आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए। साथ ही पशु मालिकों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गौशालाओं का निर्माण समय पर पूरा हो गया और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत रही, तो आवारा पशुओं की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इतनी बड़ी समस्या का पूरी तरह समाधान करना आसान नहीं होगा।
सरकार का दावा है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले दो वर्षों में स्थिति में बड़ा सुधार दिखाई देगा। यदि यह योजना सफल रही तो राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और कृषि दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा में दिए गए इस आश्वासन के बाद अब लोगों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई और योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
More News
छोटी फिल्मों को दर्शक नहीं मिल रहे, अभिनेता आदर्श गौरव ने जताई निराशा और उम्मीद
February 27, 2026
जेएनयू में छात्र प्रदर्शन ने पकड़ा जोर, मार्च को लेकर पुलिस और विद्यार्थियों में टकराव हुआ
February 27, 2026
शराब नीति मामले में राहत मिलने पर अरविंद केजरीवाल भावुक, आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
February 27, 2026
तीन मोर्चों पर बढ़ा दबाव, पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की चुनौतियां हुईं गंभीर
February 27, 2026
होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, प्रेमानंद महाराज ने बताए सावधानी और उपाय
February 27, 2026
झारखंड नगर निकाय चुनाव परिणाम तय करेंगे शहरी राजनीति में किस दल का प्रभाव बढ़ेगा
February 27, 2026
सर्जरी के दौरान दर्द से जूझीं टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़, सफल ऑपरेशन के बाद धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहीं
February 27, 2026
टी20 विश्व कप के बीच क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, परिवार में शोक
February 27, 2026
शादी के बाद पहली बार साथ दिखेंगे रश्मिका और विजय, नई फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता
February 27, 2026
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…