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टैरिफ फैसले से बाजार उछला
अमेरिकी फैसले के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत तेजी
टैरिफ विवाद में अदालत के फैसले के बाद शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी
23 Feb 2026, 10:22 AM
Maharashtra
-
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
Mumbai
अमेरिका में टैरिफ नीति को लेकर हुए घटनाक्रम के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी अदालत से Donald Trump की टैरिफ योजना को झटका मिलने के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों में उत्साह नजर आया और प्रमुख सूचकांकों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स तेजी के साथ खुला और शुरुआती घंटों में ही सैकड़ों अंकों की बढ़त हासिल कर ली। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मजबूती के साथ ऊपर चढ़ता दिखाई दिया। बाजार में आई इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका में प्रस्तावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता का कम होना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर पिछले कुछ समय से वैश्विक निवेशकों में चिंता बनी हुई थी। आशंका थी कि नई टैरिफ व्यवस्था लागू होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और इससे उभरते बाजारों में निवेश कम हो सकता है। लेकिन अदालत के फैसले के बाद यह डर काफी हद तक कम हो गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है।
वैश्विक बाजारों में सकारात्मक संकेतों का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और भारत सहित कई देशों के शेयर बाजारों में खरीदारी बढ़ गई। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खासतौर पर अच्छी तेजी देखी गई। बड़े निवेशकों के साथ-साथ खुदरा निवेशकों ने भी बाजार में सक्रियता दिखाई।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में नीतिगत फैसलों का असर भारतीय शेयर बाजार पर अक्सर देखा जाता है। भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और विदेशी निवेशकों की भूमिका यहां महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में वैश्विक संकेतों के आधार पर बाजार की दिशा तय होती रहती है।
हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, इसलिए निवेश करते समय जोखिम का ध्यान रखना जरूरी है।
कुल मिलाकर अमेरिकी घटनाक्रम के बाद भारतीय शेयर बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी रही। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक माहौल बना रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स तेजी के साथ खुला और शुरुआती घंटों में ही सैकड़ों अंकों की बढ़त हासिल कर ली। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी मजबूती के साथ ऊपर चढ़ता दिखाई दिया। बाजार में आई इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका में प्रस्तावित टैरिफ को लेकर अनिश्चितता का कम होना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर पिछले कुछ समय से वैश्विक निवेशकों में चिंता बनी हुई थी। आशंका थी कि नई टैरिफ व्यवस्था लागू होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ेगा और इससे उभरते बाजारों में निवेश कम हो सकता है। लेकिन अदालत के फैसले के बाद यह डर काफी हद तक कम हो गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है।
वैश्विक बाजारों में सकारात्मक संकेतों का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और भारत सहित कई देशों के शेयर बाजारों में खरीदारी बढ़ गई। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खासतौर पर अच्छी तेजी देखी गई। बड़े निवेशकों के साथ-साथ खुदरा निवेशकों ने भी बाजार में सक्रियता दिखाई।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में नीतिगत फैसलों का असर भारतीय शेयर बाजार पर अक्सर देखा जाता है। भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और विदेशी निवेशकों की भूमिका यहां महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में वैश्विक संकेतों के आधार पर बाजार की दिशा तय होती रहती है।
हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, इसलिए निवेश करते समय जोखिम का ध्यान रखना जरूरी है।
कुल मिलाकर अमेरिकी घटनाक्रम के बाद भारतीय शेयर बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी रही। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक माहौल बना रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
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