Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
UPSC ट्रेनिंग पोस्टिंग प्रशासनिक तैयारी
UPSC पास छात्रों को ट्रेनिंग फिर पोस्टिंग में मिलती जिम्मेदारी
पहाड़ों में UPSC प्रशिक्षित छात्रों की ट्रेनिंग पोस्टिंग के पहले मिलती है प्रशासनिक तैयारी
21 Feb 2026, 02:38 PM
Himachal Pradesh
-
Shimla
Reporter :
Mahesh Sharma
Shimla
UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना हर छात्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है। भारत में सिविल सर्विसेज के लिए प्रतियोगिता बेहद कड़ी है और हर साल लाखों छात्र इसकी परीक्षा देते हैं, लेकिन केवल कुछ ही सफल होते हैं। UPSC परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को प्रशासनिक सेवाओं में नियुक्त किया जाता है और उनकी ट्रेनिंग पहाड़ों के बीच के संस्थानों में होती है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को 24 अलग-अलग सेवाओं में चयनित किया जाता है। इनमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसी प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। चयन के बाद उम्मीदवारों को उनके सर्विस के अनुसार अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा जाता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य उम्मीदवारों को प्रशासनिक कार्यों, कानून, प्रबंधन, और क्षेत्रीय विकास से संबंधित ज्ञान देना है।
आईएएस और आईपीएस उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग संस्थान अलग-अलग होते हैं। आईएएस उम्मीदवारों को दिल्ली स्थित लाला लाजपत राय संस्थान या उत्तराखंड में नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जैसे केंद्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं, आईपीएस अधिकारियों को सुसज्जित पुलिस अकादमी में प्रशिक्षित किया जाता है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा संचालन की जानकारी दी जाती है।
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, ग्रामीण और शहरी प्रशासन, आर्थिक और सामाजिक योजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा नेतृत्व कौशल, सामुदायिक जुड़ाव और संकट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाए जाते हैं। ट्रेनिंग लगभग एक वर्ष तक चलती है और इसमें सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज भी शामिल होती हैं।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अधिकारी अपनी पहली पोस्टिंग के लिए आवंटित कैडर में भेजे जाते हैं। आईएएस अधिकारी आमतौर पर जिला कलक्टर या राज्य प्रशासनिक पद पर काम शुरू करते हैं, जबकि आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नर या SP स्तर के पदों पर तैनात किए जाते हैं। पोस्टिंग के दौरान अधिकारी क्षेत्र के विकास, कानून-व्यवस्था, और जन-कल्याण से संबंधित जिम्मेदारियां निभाते हैं।
UPSC पास छात्रों के लिए यह प्रक्रिया केवल नौकरी शुरू करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रशासनिक तंत्र में योगदान देने का पहला कदम भी है। पहाड़ों के बीच की ट्रेनिंग, प्रशासनिक अनुभव, और जिम्मेदारियों की समझ उन्हें बेहतर अधिकारी बनाने में मदद करती है।
इस तरह, UPSC परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का करियर न केवल प्रतिष्ठित होता है, बल्कि उनके प्रशिक्षण और पोस्टिंग के माध्यम से पूरे देश में प्रशासनिक सुधार और विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलता है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा चुने गए उम्मीदवारों को 24 अलग-अलग सेवाओं में चयनित किया जाता है। इनमें आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसी प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। चयन के बाद उम्मीदवारों को उनके सर्विस के अनुसार अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा जाता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य उम्मीदवारों को प्रशासनिक कार्यों, कानून, प्रबंधन, और क्षेत्रीय विकास से संबंधित ज्ञान देना है।
आईएएस और आईपीएस उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग संस्थान अलग-अलग होते हैं। आईएएस उम्मीदवारों को दिल्ली स्थित लाला लाजपत राय संस्थान या उत्तराखंड में नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन जैसे केंद्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं, आईपीएस अधिकारियों को सुसज्जित पुलिस अकादमी में प्रशिक्षित किया जाता है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा संचालन की जानकारी दी जाती है।
ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, ग्रामीण और शहरी प्रशासन, आर्थिक और सामाजिक योजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा नेतृत्व कौशल, सामुदायिक जुड़ाव और संकट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाए जाते हैं। ट्रेनिंग लगभग एक वर्ष तक चलती है और इसमें सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ फील्ड विजिट और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज भी शामिल होती हैं।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अधिकारी अपनी पहली पोस्टिंग के लिए आवंटित कैडर में भेजे जाते हैं। आईएएस अधिकारी आमतौर पर जिला कलक्टर या राज्य प्रशासनिक पद पर काम शुरू करते हैं, जबकि आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नर या SP स्तर के पदों पर तैनात किए जाते हैं। पोस्टिंग के दौरान अधिकारी क्षेत्र के विकास, कानून-व्यवस्था, और जन-कल्याण से संबंधित जिम्मेदारियां निभाते हैं।
UPSC पास छात्रों के लिए यह प्रक्रिया केवल नौकरी शुरू करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश के प्रशासनिक तंत्र में योगदान देने का पहला कदम भी है। पहाड़ों के बीच की ट्रेनिंग, प्रशासनिक अनुभव, और जिम्मेदारियों की समझ उन्हें बेहतर अधिकारी बनाने में मदद करती है।
इस तरह, UPSC परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का करियर न केवल प्रतिष्ठित होता है, बल्कि उनके प्रशिक्षण और पोस्टिंग के माध्यम से पूरे देश में प्रशासनिक सुधार और विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलता है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
More News
छोटी फिल्मों को दर्शक नहीं मिल रहे, अभिनेता आदर्श गौरव ने जताई निराशा और उम्मीद
February 27, 2026
जेएनयू में छात्र प्रदर्शन ने पकड़ा जोर, मार्च को लेकर पुलिस और विद्यार्थियों में टकराव हुआ
February 27, 2026
शराब नीति मामले में राहत मिलने पर अरविंद केजरीवाल भावुक, आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
February 27, 2026
तीन मोर्चों पर बढ़ा दबाव, पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की चुनौतियां हुईं गंभीर
February 27, 2026
होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, प्रेमानंद महाराज ने बताए सावधानी और उपाय
February 27, 2026
झारखंड नगर निकाय चुनाव परिणाम तय करेंगे शहरी राजनीति में किस दल का प्रभाव बढ़ेगा
February 27, 2026
सर्जरी के दौरान दर्द से जूझीं टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़, सफल ऑपरेशन के बाद धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहीं
February 27, 2026
टी20 विश्व कप के बीच क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, परिवार में शोक
February 27, 2026
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…