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एआई से स्मार्ट इमारतें सुरक्षित
स्मार्ट सेंसर से सुरक्षा, ऊर्जा और संसाधनों की बेहतर बचत
एआई तकनीक से बदल रही इमारतों की दुनिया, सुरक्षा और ऊर्जा बचत में आया बड़ा बदलाव
24 Feb 2026, 02:19 PM
Delhi
-
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
New Delhi
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट तकनीक की मदद से आधुनिक इमारतों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब ऊंची इमारतें सिर्फ रहने या काम करने की जगह नहीं रह गई हैं, बल्कि वे खुद निर्णय लेने और समस्याओं को पहले ही पहचानने में सक्षम हो रही हैं। नई तकनीकों के कारण इमारतों की सुरक्षा बढ़ने के साथ-साथ पानी, बिजली और अन्य संसाधनों की बचत भी संभव हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम में सेंसर, कैमरे और इंटरनेट से जुड़े उपकरण लगाए जाते हैं, जो इमारत की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। इन उपकरणों से मिलने वाले डेटा को एआई सिस्टम लगातार विश्लेषण करता है और संभावित खतरे या खराबी की जानकारी पहले ही दे देता है। इससे दुर्घटनाओं को टालने में मदद मिलती है और रखरखाव का खर्च भी कम होता है।
नई तकनीक से लैस इमारतों में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान स्वचालित प्रणाली के जरिए हो जाती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है और अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण रहता है। इसके अलावा आग लगने या गैस रिसाव जैसी घटनाओं का खतरा होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।
एआई आधारित तकनीक ऊर्जा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्मार्ट सिस्टम जरूरत के अनुसार बिजली और पानी का उपयोग नियंत्रित करते हैं, जिससे अनावश्यक बर्बादी नहीं होती। उदाहरण के तौर पर खाली कमरों में स्वतः लाइट और एयर कंडीशनर बंद हो जाते हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर सिस्टम उन्हें चालू कर देता है। इससे ऊर्जा की खपत कम होती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
इंजीनियरों और बिल्डिंग मैनेजमेंट के लिए भी यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो रही है। एआई सिस्टम मशीनों और उपकरणों की स्थिति पर नजर रखता है और किसी खराबी की संभावना होने पर पहले ही संकेत दे देता है। इससे मरम्मत समय पर हो जाती है और बड़ी खराबी से बचाव संभव हो पाता है।
रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में अधिकांश नई इमारतें स्मार्ट तकनीक से लैस होंगी। इससे न केवल लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग से लागत भी कम होगी।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार एआई आधारित स्मार्ट बिल्डिंग भविष्य के शहरों की महत्वपूर्ण जरूरत बनती जा रही हैं। इससे शहरी जीवन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम में सेंसर, कैमरे और इंटरनेट से जुड़े उपकरण लगाए जाते हैं, जो इमारत की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। इन उपकरणों से मिलने वाले डेटा को एआई सिस्टम लगातार विश्लेषण करता है और संभावित खतरे या खराबी की जानकारी पहले ही दे देता है। इससे दुर्घटनाओं को टालने में मदद मिलती है और रखरखाव का खर्च भी कम होता है।
नई तकनीक से लैस इमारतों में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान स्वचालित प्रणाली के जरिए हो जाती है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है और अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण रहता है। इसके अलावा आग लगने या गैस रिसाव जैसी घटनाओं का खतरा होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।
एआई आधारित तकनीक ऊर्जा प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्मार्ट सिस्टम जरूरत के अनुसार बिजली और पानी का उपयोग नियंत्रित करते हैं, जिससे अनावश्यक बर्बादी नहीं होती। उदाहरण के तौर पर खाली कमरों में स्वतः लाइट और एयर कंडीशनर बंद हो जाते हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर सिस्टम उन्हें चालू कर देता है। इससे ऊर्जा की खपत कम होती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
इंजीनियरों और बिल्डिंग मैनेजमेंट के लिए भी यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो रही है। एआई सिस्टम मशीनों और उपकरणों की स्थिति पर नजर रखता है और किसी खराबी की संभावना होने पर पहले ही संकेत दे देता है। इससे मरम्मत समय पर हो जाती है और बड़ी खराबी से बचाव संभव हो पाता है।
रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में अधिकांश नई इमारतें स्मार्ट तकनीक से लैस होंगी। इससे न केवल लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग से लागत भी कम होगी।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार एआई आधारित स्मार्ट बिल्डिंग भविष्य के शहरों की महत्वपूर्ण जरूरत बनती जा रही हैं। इससे शहरी जीवन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनने की उम्मीद है।
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