Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
पंजाब दौरा रद्द
भारत-कनाडा संबंध में तीन साल का ठंडा असर
कनाडाई पीएम कार्नी भारत दौरे पर, पंजाब नहीं जाएंगे, ट्रूडो की गलतियों से सबक लिया
26 Feb 2026, 03:48 PM Maharashtra - Mumbai
Reporter : Mahesh Sharma
Mumbai कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा इस बार सिर्फ औपचारिक दौरा नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच पिछले तीन वर्षों से जमे ठंडे रिश्तों को सुधारने का एक प्रयास है। यह दौरा मुंबई से शुरू होकर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता तक सीमित रहेगा।

2023 के बाद भारत-कनाडा संबंधों में आई गिरावट मुख्य रूप से पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो द्वारा कनाडाई संसद में भारत पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप लगाने के बाद हुई। उस समय की घटनाओं ने दोनों देशों के बीच भरोसे को कम किया और विशेषकर पंजाब से जुड़े विवाद ने संवेदनशील मुद्दे पैदा किए।

इस बार मार्क कार्नी ने अपने दौरे में पंजाब को शामिल नहीं किया। यह कदम विशेषज्ञों के अनुसार एक कूटनीतिक संदेश है, जिसमें यह दिखाया जा रहा है कि कनाडा अब द्विपक्षीय संबंधों को किसी एक राज्य या समुदाय के नजरिये से नहीं देख रहा। भारतीय विशेषज्ञ इसे ‘डी-हाइफनेशन’ नीति मान रहे हैं, यानी द्विपक्षीय संबंधों को घरेलू राजनीति से अलग रखा जा रहा है।

इस दौरे का रणनीतिक महत्व नागरिक परमाणु सहयोग को दोबारा शुरू करने में है। भारत ने 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कनाडा के साथ समझौते को फिर से सक्रिय करना चाहा है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और प्रवासन नीति भी चर्चा के मुख्य बिंदु होंगे।

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी और संरक्षणवादी नीतियों के चलते कनाडा ने अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई है। इसी संदर्भ में भारत का महत्व बढ़ गया है। प्रवासन और शिक्षा के क्षेत्र में भी संवेदनशील मुद्दे मौजूद हैं। कार्नी सरकार ने 2026-2028 के लिए प्रवासन लक्ष्यों में कटौती की घोषणा की है, जिससे लगभग 18 लाख भारतीय छात्रों और प्रवासियों पर असर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह यात्रा आने वाले दशक के लिए रणनीतिक मोड़ साबित हो सकती है। भारत-कनाडा संबंधों को न केवल व्यापारिक और परमाणु सहयोग के लिए, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा में भी नए आयाम देने के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, कार्नी की भारत यात्रा ट्रूडो की पिछली गलतियों से सबक लेकर डिज़ाइन की गई है। पंजाब न जाना, मुंबई और नई दिल्ली तक सीमित रहना, और द्विपक्षीय मुद्दों पर केंद्रित होना, यह संकेत देता है कि दोनों देशों के संबंध अब अधिक रणनीतिक और संतुलित नजरिए से आगे बढ़ेंगे।
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open

More News

thumb
एआई अपडेट से स्टार्टअप बंद होने का दावा, फाउंडर ने बताया कैसे खत्म हुआ कारोबार अचानक
February 27, 2026
thumb
लखनऊ में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, नकली मसाले और खोया जब्त कर कार्रवाई
February 27, 2026
thumb
संभल में रंग एकादशी जुलूस और जुम्मे नमाज को लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की
February 27, 2026
thumb
संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर उठे सवाल, गावस्कर ने लगातार एक जैसी गलती बताई वजह
February 27, 2026
thumb
अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष तेज होने संकेत दिए
February 27, 2026
thumb
अफगान संघर्ष के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने के दावों पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज
February 27, 2026
thumb
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
thumb
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
thumb
बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगा तेलंगाना प्रशासन जल्द
February 27, 2026
thumb
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Open